दरभंगा। बिहार के 43वें राज्यपाल सैयद अता हसनैन के दरभंगा पहुंचते ही शहर का माहौल पूरी तरह बदल गया। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर में उनके स्वागत को लेकर भव्य तैयारी की गई थी, जहां अधिकारियों, शिक्षकों और छात्रों ने गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
राज्यपाल के आगमन के साथ ही दोनों विश्वविद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों—संस्कृत विश्वविद्यालय में अधिषद (सीनेट) की बैठक और LNMU में “समकालीन समय में व्यावसायिक अनुसंधान” विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन—को लेकर पूरे परिसर में खासा उत्साह देखने को मिला।
🚨 पहले से अलर्ट था प्रशासन, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतज़ाम
राज्यपाल के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पहले से पूरी तरह सतर्क था। 21 अप्रैल को जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलरेड्डी ने कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को विस्तृत ब्रीफिंग दी थी।
👉 सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण, VIP मूवमेंट और पार्किंग व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए गए थे
👉 करीब 130 दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई
👉 संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी और आपसी समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया
🎓 शिक्षा और शोध पर राज्यपाल का जोर
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों से गुणवत्ता आधारित शिक्षा और शोध संस्कृति को मजबूत करने का आह्वान किया।
🌟 शहर में दिखा उत्साह, बढ़ी हलचल
राज्यपाल के आगमन से न सिर्फ विश्वविद्यालय परिसरों में, बल्कि पूरे दरभंगा में प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। हर तरफ सुरक्षा, प्रबंधन और स्वागत की तैयारियां देखने को मिलीं।
दरभंगा में राज्यपाल के आगमन से बढ़ी हलचल, कड़ी सुरक्षा के बीच संस्कृत विश्वविद्यालय और LNMU में सफल कार्यक्रम संपन्न।








