दरभंगा:
एक तरफ प्रशासन दावा कर रहा है कि जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है…
तो वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है! 😱
जिला आपूर्ति पदाधिकारी के अनुसार 3 अप्रैल को 10,382 गैस सिलेंडरों का वितरण किया गया, जबकि हजारों सिलेंडर अभी भी गोदामों में मौजूद हैं। 4 अप्रैल को और बड़ी आपूर्ति और वितरण का लक्ष्य तय किया गया है। प्रशासन का दावा है कि बुकिंग के 1–2 दिनों के भीतर होम डिलीवरी दी जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
👉 लेकिन सच्चाई क्या है?
शहर और ग्रामीण इलाकों में गैस के लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं 😓
कई उपभोक्ता आरोप लगा रहे हैं कि
📌 ऑनलाइन “डिलीवर” दिख रहा है, लेकिन सिलेंडर मिला ही नहीं
📌 1–2 दिन की जगह कई दिनों का इंतजार कराया जा रहा है
👉 गंभीर आरोप भी सामने आए हैं
स्थानीय लोगों ने पैराडाइज गैस एजेंसी पर देरी और अव्यवस्था के आरोप लगाए हैं, जो प्रशासनिक दावों के बिल्कुल उलट है 🚨
इस बीच प्रशासन ने कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। 19 एजेंसियों और होटलों में छापेमारी भी की गई है, लेकिन सवाल अब भी कायम है—
❗ जब गोदाम में गैस मौजूद है, तो आम लोगों तक क्यों नहीं पहुंच रही?
प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की है, लेकिन जनता की परेशानी अब भी कम होती नजर नहीं आ रही है…
👉 क्या सिस्टम फेल हो रहा है या कहीं और है गड़बड़ी? 🔥








