दरभंगा, बिहार। सिविल सोसाइटी दरभंगा द्वारा जिला प्रशासन के तत्वाधान तथा रेरा बिहार के सहयोग से आयोजित रुद्र सावित्री दरभंगा माइंड फेस्ट के चौथे संस्करण का समापन सोमवार को अत्यंत भव्यता और गरिमा के साथ किया गया। समारोह में शिक्षा, प्रशासन और साहित्य जगत के कई प्रतिष्ठित चेहरे शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ IAS एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव श्री सी. के. अनिल ने छात्रों के उत्साह की सराहना करते हुए दुष्यंत कुमार की पंक्तियाँ सुनाईं—
“सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।”
यह पंक्तियाँ पूरे सभागार में ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करती रहीं।
रेरा बिहार के चेयरमैन डॉ. विवेक कुमार सिंह ने कहा कि मिथिला की धरती सदियों से ज्ञान, वाद-विवाद और शास्त्रार्थ की परंपरा को आगे बढ़ाती आई है। उन्होंने माइंड फेस्ट को बच्चों के आत्मविश्वास और बड़े सपनों की उड़ान देने वाला मंच बताया।
जिला पदाधिकारी श्री कौशल कुमार ने इस आयोजन को दरभंगा की शैक्षणिक पहचान को मजबूत करने वाला बताते हुए समापन सत्र में औपचारिक वोट ऑफ थैंक्स प्रस्तुत किया।

समारोह में इस वर्ष की वार्षिक स्मारिका (Souvenir) का विमोचन भी किया गया, जिसमें आयोजनों की उपलब्धियाँ, छात्रों की उत्कृष्ट भागीदारी और माइंड फेस्ट की यात्रा का विस्तृत विवरण संकलित है।
इस वर्ष का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध क्विज़ मास्टर एलन कॉवेल रहे, जिनके रोमांचक संचालन में जनरल क्विज़, इंडिया क्विज़ और क्रॉसवर्ड फाइनल राउंड आयोजित हुए। छात्रों ने जोरदार उत्साह के साथ भाग लिया।
समारोह में SSP दरभंगा श्री जगन्नाथ रेड्डी, गन्ना आयुक्त श्री अनिल कुमार झा, संयुक्त सचिव श्री संजय कुमार, श्री अभय झा, निदेशक SCERT समर बहादुर सिंह समेत कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
बेतिया पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों की आकांक्षाओं और सपनों को पंख देते हैं।

शिक्षा जगत में उत्कृष्ट योगदान के लिए 6 प्रख्यात शिक्षाविदों—
डॉ. एम. के. मिश्रा, सिस्टर जैंसी मैथ्यू, डॉ. शिबू राजू, डॉ. राजा राम चौरासिया, श्री आर. एस. पांडेय एवं डॉ. उपेंद्र प्रसाद—को सम्मानित किया गया।
इस वर्ष माइंड फेस्ट में पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सुपौल, सीतामढ़ी, मधुबनी सहित कई जिलों के 200+ विद्यालयों के 4000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया।
रुद्र सावित्री दरभंगा माइंड फेस्ट अब मिथिला का सबसे प्रतिष्ठित वार्षिक शैक्षणिक आयोजन बन गया है, जो ज्ञान, नवाचार और युवा प्रतिभा को नई ऊँचाइयों तक ले जा रहा है।









