दरभंगा। ब्यूरो रिपोर्ट। https://darbhangalivenews.com
दरभंगा जिला पब्लिक स्कूल एसोसिएशन की एक विशेष बैठक जी. एम. रोड स्थित होटल सितायन में संघ के संरक्षक इशरत हुसैन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का संचालन एसोसिएशन के सचिव बिल्टू साहनी ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई।
बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सचिव बिल्टू साहनी ने कहा कि संघ की स्थापना वर्ष 2012 में हुई थी, और शुरुआती वर्षों में संगठन काफी मजबूत स्थिति में कार्य कर रहा था। लेकिन समय के साथ-साथ आंतरिक मुद्दों के कारण अधिकांश पदाधिकारी और सदस्य निष्क्रिय होते चले गए। उन्होंने कहा कि चार–पांच लोग मिलकर संगठन को सिर्फ कागज पर चलाते रहे, जिससे स्कूल संचालकों के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान संभव नहीं हो पा रहा था।
सरकारी स्तर पर शोषण का आरोप
बिल्टू साहनी ने कहा कि
- आरटीई एक्ट के तहत हुए नामांकन के भुगतान,
- यू-डाइस फॉर्म भरने,
- और अन्य विभागीय प्रक्रियाओं
के नाम पर सरकारी अफसरों द्वारा पब्लिक स्कूल संचालकों का लगातार शोषण किया जा रहा है। असंगठित रहने के कारण संचालक अपनी समस्याओं को मजबूती से उठा नहीं पा रहे थे।
स्कूल संचालकों की आपसी समस्याएँ भी उजागर
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन कमजोर होने के कारण स्कूल संचालकों के बीच भी कई तरह की समस्याएँ बढ़ी हैं।
- कई अभिभावक पुराने स्कूलों में लाखों रुपये बकाया छोड़कर नए स्कूलों में एडमिशन करा लेते हैं।
- स्कूल संचालक चाहकर भी कोई कदम नहीं उठा पाते।
- साथ ही स्कूलों के आसपास अवांछित तत्वों की गतिविधियों के कारण संचालकों की सुरक्षा और प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ रहा है।
एकता का संकल्प
इन सभी समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए जिले के सभी स्कूल संचालकों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि—
“हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देंगे, बच्चों का भविष्य संवारेंगे, लेकिन अपनी प्रतिष्ठा, अधिकार और अमन-चैन से कोई समझौता नहीं करेंगे।”
उन्होंने कहा कि अब विभागीय पदाधिकारियों द्वारा किसी भी तरह का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संघ संगठित रूप से अपनी आवाज उठाएगा।

70 स्कूल प्रबंधक हुए शामिल
इस बैठक में लगभग 70 स्कूल प्रबंधक उपस्थित थे।
संगठन के संरक्षक इशरत हुसैन, मनोज कुमार झा, के. के. झा, अजय कुमार झा सहित कई संचालकों ने अपने सुझाव और अनुभव साझा किए।
एक महीने में 18 प्रखंडों में नई कमेटियाँ बनेंगी
सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि—
➡ एक महीने के भीतर जिले के 18 प्रखंडों में प्रखंड कमेटियों का गठन किया जाएगा।
➡ उसके बाद अगले महीने जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
संगठन की एकता और व्यापक भागीदारी के साथ बैठक का समापन किया गया।









