दरभंगा। अखिल भारतीय मिथिला संघ के तत्वाधान में पटना स्थित मैथिली अकादमी पर ताला लगाए जाने के विरोध में आयुक्त कार्यालय, दरभंगा प्रमंडल के समक्ष लहेरियासराय अवस्थित धरना स्थल पर एक दिवसीय धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धरना के माध्यम से सरकार से मैथिली अकादमी को सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित करने तथा वहां से प्रतिनियुक्त कर्मचारियों को पुनः पदस्थापित करने की मांग की गई।
धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष विनय कुमार झा उर्फ संतोष झा ने की, जबकि संचालन मिथिला संघ के उपाध्यक्ष रामनाथ पंजीयार ने किया।
धरना को संबोधित करते हुए युवा छात्र नेता दीपक झा ने कहा कि मैथिली अकादमी में ताला लगाना मिथिला क्षेत्र के करोड़ों मैथिली भाषियों की उपेक्षा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द अकादमी को सुचारू रूप से चालू नहीं किया तो युवा छात्र मिथिला विरोधी नीतियों के खिलाफ उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे।
वहीं समाजसेवी प्रियंका झा ने कहा कि यह सिर्फ मैथिली अकादमी पर ताला नहीं, बल्कि मिथिला की संस्कृति पर ताला है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार हमारी मांगों को नहीं सुनती है तो मिथिला से लेकर पटना तक व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

छात्र नेता शरद सिंह ने कहा कि मिथिला क्षेत्र के लोगों ने NDA को भारी जनादेश दिया, लेकिन बदले में सरकार मैथिली अकादमी को बंद कर क्षेत्र के लोगों की उपेक्षा कर रही है।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में संघ अध्यक्ष विनय कुमार झा ने कहा कि मैथिली अकादमी मिथिला की धरोहर है, जहां से अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। इसके साथ किसी भी प्रकार की उपेक्षा मैथिली समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने आयुक्त एवं जिला प्रशासन से मांग की कि इस विषय को अविलंब बिहार सरकार तक पहुंचाया जाए।

धरना कार्यक्रम को कुंदन सिंह क्रांति, राघवेन्द्र झा, विभूति झा, अमन, समीर और अलफाज ने भी संबोधित किया और एक स्वर में मैथिली अकादमी को शीघ्र चालू करने की मांग की।
धरना में मुन्ना कुमार, विपिन कुमार सिंह, गणेश मंडल, रौशन कुमार, संजय राम, राकेश कुमार सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन संघ के प्रवक्ता रौशन कुमार झा ने किया।








